आईपीसी धारा 493 विवाह के विश्वास पर पुरुष द्वारा कारीत सहवास | IPC Section 493 In Hindi

पथ प्रदर्शन: भारतीय दंड संहिता > अध्याय 20: विवाह सम्बन्धी अपराधों के विषय में > आईपीसी धारा 493

आईपीसी धारा 493: विधिपूर्ण विवाह का प्रवंचना से विश्वास उत्प्रेरित करने वाले पुरुष द्वारा कारीत सहवास

हर पुरुष जो किसी स्त्री को, जो विधिपूर्वक उससे विवाहित न हो, प्रवंचना से यह विश्वास कारित करेगा कि वह विधिपूर्वक उससे विवाहित है और इस विश्वास में उस स्त्री का अपने साथ सहवास या मैथुन कारित करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा।

-भारतीय दंड संहिता के शब्द

अपराधपुरुष द्वारा स्त्री को, जो उससे विधिपूर्वक विवाहित नहीं है, प्रवंचना से विश्वास कारित करके कि वह उससे विधिपूर्वक विवाहित है, उस विश्वास में उससे सहवास करना।
सजा10 साल + जुर्माना
संज्ञेयगैर – संज्ञेय
जमानतगैर जमानतीय
विचारणीयप्रथम श्रेणी का मजिस्ट्रेट
समझौतानही किया जा सकता

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