आईपीसी धारा 482 मिथ्या सम्पत्ति-चिह्न को उपयोग करने के लिए दण्ड | IPC Section 482 In Hindi

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आईपीसी धारा 482: मिथ्या सम्पत्ति-चिह्न को उपयोग करने के लिए दण्ड

जो कोई 1*** किसी मिथ्या सम्पत्ति-चिह्न का उपयोग करेगा, जब तक कि वह यह साबित न कर दे कि उसने कपट करने के आशय के बिना कार्य किया है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास में, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से दण्डित किया जाएगा।

संशोधन

  1. 1958 के अधिनियम सं० 43 की धारा 135 और अनुसूची द्वारा “किसी मिथ्या व्यापार चिह्न या” शब्दों का लोप किया गया।

-भारतीय दंड संहिता के शब्द

अपराधमिथ्या सम्पत्ति चिह्न का इस आशय से उपयोग करना कि किसी व्यक्ति को प्रवंचित करे या क्षति करे
सजा1 वर्ष या जुर्माना या दोनों
संज्ञेयगैर – संज्ञेय
जमानतजमानतीय
विचारणीयसभी मजिस्ट्रेट के लिए
समझौतायह अपराध पीड़ित व्यक्ति (जिसे ऐसे कार्य से क्षति या चोट पहुँची है) द्वारा समझौता करने योग्य है।

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