आईपीसी धारा 471 कूटरचित दस्तावेज का असली के रूप में उपयोग | IPC Section 471 In Hindi

पथ प्रदर्शन: भारतीय दंड संहिता > अध्याय 18: दस्तावेजों और संपत्ति > चिह्नों संबंधी अपराधों के विषय में > आईपीसी धारा 471

आईपीसी धारा 471: कूटरचित 1दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख का असली के रूप में उपयोग में लाना

जो कोई किसी ऐसी 1दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख को, जिसके बारे में वह यह जानता या विश्वास करने का कारण रखता हो कि वह कूटरचित 1दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख है, कपटपूर्वक या बेईमानी से असली के रूप में उपयोग में लाएगा, यह उसी प्रकार दण्डित किया जाएगा, मानो उसने ऐसी दस्तावेज या इलेक्ट्रानिक अभिलेख की कूटरचना की हो।

संशोधन

  1. 2000 के अधिनियम सं० 21 की धारा 91 और पहली अनुसूची द्वारा “दस्तावेज” के स्थान पर प्रतिस्थापित।

-भारतीय दंड संहिता के शब्द

अपराधवास्तविक एक जाली दस्तावेज है जो जाली होने के लिए जाना जाता है के रूप में प्रयोगजब जाली दस्तावेज केन्द्र सरकार का वचन पत्र होता है
सजाइस तरह के दस्तावेज़ के जालसाजी के समानइस तरह के दस्तावेज़ के जालसाजी के समान
संज्ञेयसंज्ञेय (गिरफ्तारी के लिए वॉरेंट आवश्यक नही) संज्ञेय (गिरफ्तारी के लिए वॉरेंट आवश्यक नही)
जमानतजमानतीय जमानतीय
विचारणीयमजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणीमजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी
समझौतानही किया जा सकता नही किया जा सकता

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