आईपीसी धारा 461 संपति वाले पात्र को बेईमानी से तोड़ना | IPC Section 461 In Hindi

पथ प्रदर्शन: भारतीय दंड संहिता > अध्याय 17: सम्पत्ति के विरुद्ध अपराधों के विषय में > उपहति, हमला या सदोष अवरोध की तैयारी के पश्चात् गृह-अतिचारके विषय में > आईपीसी धारा 461

आईपीसी धारा 461: ऐसे पात्र को, जिसमें संपत्ति है, बेईमानी से तोड़कर बोलना 

जो कोई किसी ऐसे बंद पात्र को, जिसमें संपत्ति हो या जिसमें संपत्ति होने का उसे विश्वास हो, बेईमानी से या रिष्टि करने के आशय से तोड़कर खोलेगा या उपबंधित करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा।

-भारतीय दंड संहिता के शब्द

अपराधऐसा बन्द पात्र को, जिसमें सम्पत्ति है या समझी जाती है, बेईमानी से तोड़कर खोलना या उद्दबंधित करना।
सजादो वर्ष के लिए कारावास या जुर्माना या दोनो
संज्ञेयसंज्ञेय (गिरफ्तारी के लिए वॉरेंट आवश्यक नही)
जमानतगैर जमानतीय
विचारणीयसभी मजिस्ट्रेट के लिए
समझौतानही किया जा सकता

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