आईपीसी धारा 423 विलेख में मिथ्या कथन अन्तर्विष्ट है | IPC Section 423 In Hindi

पथ प्रदर्शन: भारतीय दंड संहिता > अध्याय 17: सम्पत्ति के विरुद्ध अपराधों के विषय में > कपटपूर्ण विलेखों और संपत्ति व्यवनों के विषय में > आईपीसी धारा 423

आईपीसी धारा 423: अन्तरण के ऐसे विलेख का, जिसमें प्रतिफल के संबंध में मिथ्या कथन अन्तर्विष्ट है, बेईमानी से या कपटपूर्वक निष्पादन  

जो कोई बेईमानी से या कपटपूर्वक किसी ऐसे विलेख या लिखत को हस्ताक्षरित करेगा, निष्पादित करेगा, या उसका पक्षकार बनेगा, जिससे किसी सम्पत्ति का, या उसमें के किसी हित का, अंतरित किया जाना, या किसी भार के अधीन किया जाना, तात्पर्यित है, और जिसमें ऐसे अंतरण या भार के प्रतिफल से संबंधित, या उस व्यक्ति या उन व्यक्तियों से संबंधित, जिसके या जिनके उपयोग या फायदे के लिए उसका प्रवर्तित होना वास्तव में आशयित है, कोई मिथ्या कथन अन्तर्विष्ट है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा।

-भारतीय दंड संहिता के शब्द

अपराधविचार के झूठे बयान वाले स्थानांतरण के विलेख का धोखाधड़ी निष्पादन
सजा2 साल या जुर्माना या दोनों
संज्ञेयगैर – संज्ञेय
जमानतजमानतीय
विचारणीयसभी मजिस्ट्रेट के लिए
समझौतानही किया जा सकता

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