आईपीसी धारा 3 भारत से बहार किए गए अपराधों का दण्ड | IPC Section 3 In Hindi

पथ प्रदर्शन: भारतीय दंड संहिता > अध्याय 1: प्रस्तावना > आईपीसी धारा 3

आईपीसी धारा 3: भारत से परे किए गए किन्तु उसके भीतर विधि के अनुसार विचारणीय अपराधों का दण्ड

3भारत से परे किए गए अपराध के लिए जो कोई व्यक्ति किसी 2भारतीय विधि के अनुसार विचारण का पात्र हो, भारत से परे किए गए किसी कार्य के लिए उससे इस संहिता के उपबन्धों के अनुसार ऐसा बरता जाएगा, मानो वह कार्य 1भारत के भीतर किया गया था।

संशोधन

  1. उक्त राज्यक्षेत्र” मूल शब्दों का संशोधन अनुक्रमशः भारत शासन (भारतीय विधि अनुकूलन) आदेश, 1937, भारतीय स्वतंत्रता (केन्द्रीय अधिनियम तथा अध्यादेश अनुकूलन) आदेश, 1948, विधि अनुकूलन आदेश, 1950 और 1951 के अधिनियम सं० 3 की धारा 3 और अनुसूची द्वारा किया गया है।
  2. भारत शासन (भारतीय विधि अनुकूलन) आदेश, 1937 द्वारा “सपरिषद् भारत के गवर्नर जनरल द्वारा पारित विधि के स्थान पर प्रतिस्थापित।
  3. उक्त राज्यक्षेत्रों की सीमा मूल शब्दों का संशोधन अनुक्रमशः भारत शासन (भारतीय विधि अनुकूलन) आदेश, 1937, भारतीय स्वतंत्रता (केन्द्रीय अधिनियम तथा अध्यादेश अनुकूलन) आदेश, 1948, विधि अनुकूलन आदेश, 1950 और 1951 के अधिनियम सं० 3 की धारा 3 और अनुसूची द्वारा किया गया है।

-भारतीय दंड संहिता के शब्द

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